केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: बोनस सीलिंग ₹7,000 से बढ़कर ₹21,000 करने की मांग, कैबिनेट सचिव को भेजा गया आधिकारिक पत्र

नई दिल्ली: आगामी दशहरा और दिवाली के त्योहारी सीजन से पहले देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों (रेलवे, डिफेंस, पोस्टल और गैर-राजपत्रित कर्मियों) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) – जेसीएम (NC-JCM) ने केंद्र सरकार के समक्ष केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस गणना की अधिकतम सीमा (Bonus Payable Ceiling) को ₹7,000 से सीधे बढ़ाकर ₹21,000 प्रति माह करने की औपचारिक मांग रख दी है।

इस संबंध में जेसीएम (स्टाफ साइड) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 27 अगस्त 2026 को भारत के कैबिनेट सचिव एवं जेसीएम चेयरमैन को एक विस्तृत पत्र लिखकर तुरंत आदेश जारी करने का आग्रह किया है।

49वीं जेसीएम बैठक और सरकार की पूर्व शर्त

पत्र में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 11 मई 2026 को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में आयोजित नेशनल काउंसिल (JCM) की 49वीं बैठक में कर्मचारियों की ओर से बोनस सीलिंग बढ़ाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था।

उस बैठक में आधिकारिक पक्ष (Official Side) ने कर्मचारी प्रतिनिधियों को यह स्पष्ट किया था कि:

केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की गणना सीमा तभी संशोधित की जा सकती है, जब भारत सरकार ‘पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट’ (अब वेज कोड, 2019) के तहत तय कानूनी भुगतान सीमा में संशोधन करे।

अब चूंकि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) जारी कर दिया है, इसलिए कर्मचारी पक्ष ने सरकार को उसका वादा याद दिलाते हुए तत्काल प्रभाव से संशोधन लागू करने को कहा है।

श्रम मंत्रालय का नया गजट नोटिफिकेशन बना आधार

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त 2026 को जारी असाधारण राजपत्र अधिसूचना संख्या S.O. 4710(E) और S.O. 4711(E) ने इस मांग को मजबूत कानूनी आधार दे दिया है:

  • वेतन संहिता 2019 (Code on Wages, 2019) की धारा 26(2): अधिसूचना के अनुसार, यदि किसी पात्र कर्मचारी का वेतन ₹7,000 प्रति माह से अधिक है, तो बोनस की गणना के लिए उसका वेतन ₹7,000 या केंद्र सरकार द्वारा तय ‘न्यूनतम मजदूरी’ (Minimum Wage), जो भी अधिक हो, माना जाएगा।
  • लागू होने की तिथि: यह अधिसूचना 21 नवंबर 2025 से प्रभावी मानी गई है।
  • न्यूनतम मजदूरी ₹21,000: केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी ₹21,000 प्रति माह है। इसके आधार पर पात्र कर्मचारियों के लिए बोनस गणना की सीमा किसी भी स्थिति में ₹21,000 से कम नहीं हो सकती।

वर्तमान स्थिति बनाम प्रस्तावित बदलाव (कर्मचारियों की जेब पर क्या असर होगा?)

वर्तमान व्यवस्था में केंद्रीय कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) और नॉन-पीएलबी (एड-हॉक बोनस) ₹7,000 की पुरानी काल्पनिक सीमा पर दिया जाता है।

विवरण वर्तमान व्यवस्था प्रस्तावित व्यवस्था (₹21,000 सीलिंग)
गणना का आधार (Wage Ceiling) ₹7,000 प्रति माह

₹21,000 प्रति माह

रेलवे कर्मचारी (78 दिन का PLB) लगभग ₹17,951 लगभग ₹53,853 (तीन गुना बढ़ोतरी)
अन्य केंद्रीय कर्मचारी (30 दिन का एड-हॉक) लगभग ₹6,908 लगभग ₹20,725

यदि सरकार इस प्रस्ताव पर मुहर लगाती है, तो इस त्योहारी सीजन में कर्मचारियों को मिलने वाली बोनस राशि में लगभग तीन गुना इजाफा देखने को मिलेगा।

त्योहारी सीजन से पहले आदेश जारी करने की अपील

जेसीएम सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने अपने पत्र के अंत में जोर देकर कहा है कि दशहरा पर्व बेहद नजदीक है और सरकार जल्द ही पीएलबी (PLB) व एड-हॉक बोनस के वार्षिक आदेश जारी करने वाली है। ऐसे में 49वीं बैठक में बनी सहमति के आधार पर वित्त मंत्रालय और कैबिनेट सचिवालय को अविलंब ₹21,000 की सीमा पर नया शासनादेश जारी करना चाहिए।

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